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HAPPY NEW YEAR 2020

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शहर में चोरी, छिनतई और चेन स्नैचिंग की लगातार हो रही घटनाओं से लोगों की चिंता बढ़ गई है। बैंक से रुपये निकालकर घर लौटने वाले ग्राहकों से लेकर बाजार जाने वाली महिलाओं तक को बदमाश निशाना बना रहे हैं। इन घटनाओं के बीच शहर में एक बार फिर कोढ़ा गिरोह के सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई है। गिरोह के सदस्य लोगों को चकमा देकर, झांसे में लेकर और झोला व पर्स में ब्लेड मारकर रुपये और कीमती सामान उड़ा रहे हैं। वहीं, चेन स्नैचिंग की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। हाल के दिनों में हुई घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं

बुधवार को काशीपुर स्थित एसबीआई की एडीबी शाखा से एक लाख रुपये निकालकर जा रही सेवानिवृत्त महिला शिक्षिका से केई इंटर स्कूल रोड में रुपये झपटकर बदमाश फरार हो गए। पीड़िता की पहचान नगर थाना क्षेत्र के प्रोफेसर कॉलोनी गली नंबर-1 निवासी उर्मिला देवी के रूप में हुई है। वहीं गुरुवार को बाइपास रोड बांध पर ई-रिक्शा से बाजार जा रही एक महिला के पर्स में ब्लेड मारकर दो हजार रुपये चोरी कर लिए गए। महिला के पर्स में कुल 20 हजार रुपये रखे थे।

रुपये गायब होने और पर्स फटने का एहसास होने पर महिला ने शोर मचाया। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तीन सगी बहनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची डायल-112 की टीम तीनों को थाने ले गई। पुलिस के अनुसार, उनके पास से चोरी के दो हजार रुपये बरामद हुए हैं।पकड़ी गई तीनों बहनें अंगारघाट थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं और अंगारघाट स्टेशन के पास झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहती हैं। इनमें दो बालिग हैं, जबकि तीसरी की उम्र करीब 17 वर्ष बताई गई है। पीड़ित महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

शहर में महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। मगरदही घाट के पास शुक्रवार को ई-रिक्शा सवार दो महिलाओं से चेन छिनतई की घटना हुई। वहीं, आठ अक्टूबर को एसपी आवास रोड में भी एक महिला से चेन छीन ली गई थी। इससे पहले मोहनपुर रोड में ई-रिक्शा पर सवार एक महिला का मंगलसूत्र काटने की घटना सामने आई थी। इस मामले में ई-रिक्शा पर सवार दूसरी महिला पर आरोप लगा था। सितंबर महीने में एसबीआई की एडीबी शाखा के बाहर भी एक महिला का बैग लेकर उचक्का फरार हो गया था। बैग में करीब 40 हजार रुपये रखे थे। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से बाजार और बैंक आने-जाने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

नगर थाने की पुलिस ने सात अक्टूबर को चोरी की बाइक के साथ कोढ़ा गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था। दोनों ने दलसिंहसराय में छिनतई की चार घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी। उनके पास से 10 हजार रुपये नगद भी बरामद किए गए थे। बरामद बाइक पूर्णिया जिले से चोरी की गई थी।जितवारपुर हसनपुर और बहादुरपुर के सीमावर्ती इलाके में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा गया था। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज निवासी स्व. राज कुमार यादव के पुत्र राहुल कुमार यादव और महेश यादव के पुत्र उदय कुमार के रूप में हुई थी।

नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार के अनुसार बैंक से बड़ी रकम निकालकर जाने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बदमाश बैंक परिसर से ही ग्राहकों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और मौका मिलते ही रुपये या सामान लेकर फरार हो जाते हैं। वहीं, भीड़भाड़ वाले बाजारों और ई-रिक्शा में सफर के दौरान भी पर्स व बैग काटकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। नगर थानाध्यक्ष ने लोगों से बाजार आने-जाने के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने खासकर बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में नगदी लेकर जाने के दौरान सुरक्षा की जरूरत हो तो पुलिस को पहले से सूचना दी जा सकती है। पुलिस की ओर से आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।




जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच और मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था कर्मचारियों की कमी के कारण प्रभावित हो रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पिछले तीन महीने के दौरान जांच के लिए भेजे गए 43 नमूनों में से अब तक सिर्फ चार की ही रिपोर्ट प्राप्त हुई है। वहीं, शेष 39 नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी के कारण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की समय पर पुष्टि करने और संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने में परेशानी हो रही है।

विभाग के सामने कर्मचारियों की कमी के साथ-साथ सीमित संसाधनों में जिले भर में जांच अभियान चलाने की चुनौती बनी हुई है। नियमानुसार खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर मिल जानी चाहिए। हालांकि, कई मामलों में रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते हैं। नमूना संग्रह करने के बाद उसे जांच के लिए पटना स्थित प्रयोगशाला भेजा जाता है। इसके बाद प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने पर ही संबंधित खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के अनुरूप होने या उसमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो पाती है। ऐसे में रिपोर्ट आने में देरी होने से विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए इंतजार करना पड़ता है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए अक्टूबर महीने में भी नमूना संग्रह कर पटना स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। इस महीने कुल 23 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, पिछले महीनों में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट लंबित रहने से विभाग के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर रामा स्वामी वेंकेंट रमन शर्मा के पास समस्तीपुर के अलावा दरभंगा और मधुबनी जिले का भी प्रभार है। ऐसे में तीन जिलों की जिम्मेदारी संभालने के बीच खाद्य पदार्थों की जांच, नमूना संग्रह और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई जैसी गतिविधियों का संचालन करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

जिले में खाद्य कारोबार का दायरा काफी बड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले में करीब दो हजार के करीब छोटी-बड़ी मिठाई की दुकानें हैं। इसके अलावा चार दर्जन से अधिक ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जहां कच्चे माल से मिठाइयां तैयार की जाती हैं। इतनी बड़ी संख्या में दुकानों और उत्पादन इकाइयों की निगरानी करना खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी की जरूरत भी बढ़ जाती है। मिठाई तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले दूध, खोआ, घी, तेल, रंग और अन्य कच्चे माल की गुणवत्ता का खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से विशेष महत्व है। ऐसे में दुकानों और उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच तथा संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूनों की समय पर जांच जरूरी है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में लैब की जांच रिपोर्ट की अहम भूमिका होती है। केवल नमूना लेने से किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की पुष्टि नहीं होती। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही यह निर्धारित किया जाता है कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं। नमूना असुरक्षित पाए जाने की स्थिति में संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, पिछले तीन महीने के दौरान भेजे गए 43 नमूनों में से 39 की रिपोर्ट लंबित है। इन रिपोर्टों के आने के बाद ही संबंधित नमूनों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।



ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने जिले में स्नातक तृतीय सेमेस्टर (सत्र 2025-29) की परीक्षा 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय की ओर से बीए, बीएससी और बीकॉम के विद्यार्थियों की परीक्षाएं नवंबर से दिसंबर तक ली जाएंगी। यह परीक्षा 19 केंद्रों पर होंगी, जहां कुल 23 कॉलेजों के विद्यार्थी परीक्षा देंगे। मेजर विषयों के पेपर-3 की परीक्षा 4 से 6 नवंबर तक होगी। वहीं पेपर-4 की परीक्षा 21, 23 और 25 नवंबर को ली जाएगी। माइनर विषयों की परीक्षा 26 और 27 नवंबर को तथा मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी) की परीक्षा 28 और 30 नवंबर को होगी। इसके बाद एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (एईसी) की परीक्षा 1 और 2 दिसंबर तथा स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी) की परीक्षा 4 और 5 दिसंबर को आयोजित होंगी


मेजर, माइनर और एमडीसी की परीक्षाओं के लिए प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। एईसी और एसईसी विषयों के लिए अलग समय-सारणी जारी की गई है। विद्यार्थियों को अपने विषय और परीक्षा समूह के अनुसार निर्धारित तिथि एवं पाली की जानकारी लेनी होगी

जिले के बीआरबी कॉलेज, समस्तीपुर कॉलेज, आरएनएआर कॉलेज, महिला कॉलेज, आरबी कॉलेज दलसिंहसराय, डॉ. एलकेवीडी कॉलेज ताजपुर, केएसआर कॉलेज सरायरंजन, यूआर कॉलेज रोसड़ा और अन्य कॉलेजों का उल्लेख है। इसके अलावा जिले के अन्य विभिन्न कॉलेजों को परीक्षा केंद्र के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।




समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मूसेपुर ढाव के पास शुक्रवार की सुबह अर्धनग्न अवस्था में एक युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती की उम्र करीब 18 से 20 वर्ष के बीच बताई जा रही है। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी भारी वस्तु से सिर पर वार कर उसकी हत्या की गई है। शव के पास ही युवती की जींस, शर्ट और चप्पल भी मिली है। शव की स्थिति और कपड़ों के अलग पड़े होने के कारण पुलिस दुष्कर्म की आशंका को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है। हालांकि, दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद हो सकेगी।

बता दें कि शुक्रवार सुबह चौर की ओर गए कुछ लोगों की नजर शव पर पड़ी। इसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर कल्याणपुर थाने की पुलिस और सदर डीएसपी-2 संजय कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया

पुलिस के प्रारंभिक निरीक्षण में युवती के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि किसी वजनदार वस्तु से सिर पर प्रहार किया गया, जिससे सिर का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। युवती के शरीर पर इनर कपड़े थे, जबकि जींस और शर्ट शव के पास अलग रखे मिले। उसके पैरों की चप्पल भी घटनास्थल से बरामद हुई है। युवती की नाक में नथिया भी थी। हालांकि, मौके पर जुटे लोगों में से कोई उसकी पहचान नहीं कर सका। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर युवती की पहचान करने में जुटी है।

घटनास्थल मुख्य सड़क से करीब 50 मीटर अंदर बताया जा रहा है। यह इलाका बांध के रास्ते समस्तीपुर-दरभंगा जाने वाली बाईपास सड़क के आसपास स्थित है। यहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही कम रहती है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि युवती की हत्या किसी अन्य स्थान पर करने के बाद शव को यहां लाकर फेंका गया हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने और कपड़े अलग पड़े होने के कारण पुलिस दुष्कर्म की आशंका समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास के इलाके की छानबीन करने के साथ युवती की पहचान करने और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है। इस संबंध में सदर डीएसपी-2 संजय कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि युवती को किसी दूसरे स्थान से लाकर यहां उसकी हत्या की गई है। दुष्कर्म की आशंका पर भी जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद तथ्य सामने आएंगे। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।



समस्तीपुर जिले के अंगारघाट थाना क्षेत्र के दशर्जा चौर वाली सड़क आपराधिक वारदातों के लिए बदमाशों का साफ्ट स्पॉट बन गया है। सोमवार को चैता उत्तरी निवासी सरकारी स्कूल के प्रधान शिक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय पर बदमाशों द्वारा किये गये फायरिंग वाली जगह के समीप ही विगत वर्ष 2025 के 31 मार्च की सुबह एक 25 वर्षीया अज्ञात युवती की बदमाशों द्वारा हत्या कर फेंक दिया गया था।

घटना की छानबीन के लिए स्थानीय पुलिस, एफएसएल के अलावा दलसिंहसराय डीएसपी व समस्तीपुर एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचकर गहन जांच कर उद्भेदन करने का दावा तो किया गया था। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी ना तो मृत युवती की पहचान हो पायी, और ना ही घटना का अंजाम देने वालों बदमाशों पर कार्रवाई हो पायी। मृतका का शव अर्धनग्न हालत में खेत में मिला था


 


शहर के बीआरबी कॉलेज में छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं को लेकर बुधवार को शक्ति अभियान के बैनर तले एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन किया गया। छात्राओं ने कॉलेज में पीरियड वेंडिंग मशीन लगाने, लड़कियों के वॉशरूम की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त डस्टबिन की व्यवस्था करने सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग रखीं। छात्राओं का कहना था कि इस प्रदर्शन से दो दिन पूर्व, कॉलेज प्रशासन को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिया गया था

बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण शक्ति अभियान के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। छात्राएं बीआरबी कॉलेज के मुख्य द्वार से नारेबाजी करते हुए कैंपस के अंदर प्राचार्य कार्यालय तक पहुंची। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी छात्राएं प्राचार्य कार्यालय के सामने बैठ गईं, जहां एक सभा आयोजित की गई।सभा की अध्यक्षता नेहा भारती ने की। संचालन मोना कुमारी ने किया।

कार्यक्रम में शक्ति अभियान बिहार की कोऑर्डिनेटर रीचा कुशवाहा ने कहा कि पीरियड वेंडिंग मशीन, स्वच्छ वॉशरूम और डस्टबिन जैसी सुविधाएं छात्राओं की मूलभूत जरूरतों का हिस्सा हैं। कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है कि छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले। इन मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि छात्राओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। छात्राओं ने कहा कि जिले में सांसद, विधायक और महापौर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं के रहने के बावजूद कॉलेजों में छात्राओं की समस्याओं की सुनवाई नहीं होना चिंताजनक है।

महिला जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने स्तर से जिले के विभिन्न कॉलेजों में पीरियड वेंडिंग मशीन लगवाने की पहल करें, ताकि छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान आवश्यक सुविधाएँ मिल सकें। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजन कुमार वर्मा ने कहा कि कॉलेज में छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। कहा कि यदि निर्धारित समय में पीरियड वेंडिंग मशीन नहीं लगाई गई, तो उनका संगठन भी शक्ति अभियान के साथ मिलकर कॉलेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। प्राचार्य ने कहा कि वॉशरूम में डस्टबिन की व्यवस्था और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।



त्योहारों के मौसम में दूध, मावा, पनीर, घी और मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है। कई बार मिलावट सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आती और इसकी पुष्टि के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सैंपल लेकर लैब में जांच कराने भेजा जाता है। एफएसएसएआई की ओर से घरेलू स्तर पर कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट के शुरुआती संकेत पहचानने के तरीके बताए गए हैं

समस्तीपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अक्टूबर माह में 23 सैंपल लिए, उनमें कितने असुरक्षित या अमानक मिले, कितने मामलों में नोटिस या जुर्माना हुआ, कितने अभियोजन स्वीकृत हुए और कितने मामले अदालत में लंबित हैं, इसकी जानकारी जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर रामा स्वामी वेंकेंट रमन शर्मा नहीं दे सके। उन्होंने सिर्फ इतना बताया की शहर के स्टेशन चौक स्थित एक होटल का लाइसेंस रद्द किया गया है। वहीं दूसरी ओर उक्त होटल के द्वारा फिर से नाम बदलकर लाइसेंस के लिए आवेदन कार्यालय में दिया गया है। इसके अलावे होटल अभी भी संचालित है

इसी तरह, जिले में कितने मामलों में नमूने फेल हुए, उनमें संबंधित कारोबारी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और जिन मामलों में अभियोजन शुरू हुआ, उनका वर्तमान स्टेटस क्या है, यह जानकारी भी कार्यालय की ओर से नहीं दी गयी। Samastipur Town Media की टीम जब एफएसएसएआई के जिला कार्यालय पर पहुंची तो वहां ताला लटका हुआ था। पूछे जाने पर जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर रामा स्वामी वेंकेंट रमन शर्मा ने बताया कि वह समस्तीपुर समेत दरभंगा और मधुबनी जिले के भी प्रभार में हैं। कार्यालय में एक भी कर्मी नहीं है। फिल्ड में रहने के कारण कार्यालय में ताला लटका है।

धड़ल्ले से बेची जा रही रंग-बिरंगी मिलावटी मिठाइयां :

स्थानीय बाजारों में धड़ल्ले से बेची जा रही रंग-बिरंगी और आकर्षक मिठाइयां दरअसल लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। इस काले कारोबार की जब गहराई से पड़ताल की गई, तो जो सच सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला है। हिंदुस्तान की पड़ताल में ये बात सामने आई कि भले ही जिले में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता से लेकर इसकी स्वच्छता के स्तर पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं, परन्तु मामले में कार्रवाई की रफ्तार काफी धीमी है। सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया भी काफी धीमी चल रही है। हालांकि विगत महीने से सैंपल एकत्र करने की रफ्तार बढ़ी है। अक्टूबर महीने में कुल 23 सैंपल एकत्र किए गए थे। इसमें से एक भी सैंपल की टेस्ट लैब रिपोर्ट नहीं आयी है।


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